गुरुवार, 27 जुलाई 2017

‘‘राना लिधौरी प्रादेशिक सलाहकार समिति में शामिल’’


‘‘राना लिधौरी प्रादेशिक सलाहकार समिति में शामिल’’
टीकमगढ़// म.प्र. लेखक संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष का चुनाव विगत दिन हुआ जिसमें दूसरी वार डाॅ. राधा वल्लभ आचार्य जी को निविरोध अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने अपनी नयी कार्यकारिणी बनायी है, जो की आगामी तीन साल तक प्रभावी रहेगी।
 जिसमें संरक्षक श्री बटुक चतर्वेदी जी भोपाल को बनाया गया है तथा एक पाँच सदस्यी परामर्शदाता समिति बनायी जिसमें डाॅ. हरीश प्रधान उज्जैन, श्री राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़, श्री मनोज जैन मधुर भोपाल,श्री अनिरूद्ध सिंह सेंगर गुना को मनोनीत किया हैं,
 प्रादेशिक उपाध्यक्ष श्री प्रभुदयाल मिश्र, प्रादेशिक मंत्री श्री कैलाश जायसवाल, प्रादेशिक कोषाध्यक्ष श्री सुनील चतुर्वेदी, प्रादेशिक संयुक्त मंत्री डाॅ. प्रीति प्रवीण को बनाया गया है जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में श्री युगेश श्र्मा भोपाल, श्री जी.पी. सोनी भोपाल, श्री पर्वत गिरी गोस्वामी बैरसिया, श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी भोपाल, श्री संतोष परिहार बुरहानपुर, श्री नलिन खोइवाल रतलाम एवं श्री हुकुम ंिसंह प्रेमी कालापीपल से चुने गये।
गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ पिछली कार्यकारिणी में कार्यकारिणी सदस्य के रूप में थे उन्हेें प्रामोट करके ‘परामर्शदाता समिति’ में रखा गया है। राना लिधौरी म.प्र.लेखक संघ की जिला इकाई टीकमगढ़ के अध्यक्ष है उन्हें प्रदेश की 52 इकईयों में सर्वश्रेष्ठ इकाई सम्मान भी मिल चुका है। उन्होंने कुशल नेतृत्व में अब तक 225 गोष्ठियाँ आयोजित कराकर इतिहास रचा है और लगातार अनवरत् गोष्ठियों का आयोजन प्रतिमाह प्रथम रविवार को नियमित कराते आ रहे।
 राना लिधौरी की अक तक चार पुस्तकंे छप चुकी है और विगत 12 वर्षो से वे ‘आकांक्षा’ पत्रिका का संपादन करते आ रहे है।
इस उपलब्धि पर नगर के साहित्यकारों, शुभचिंतकों, ने राना लिधौरी को बधाईयाँ व शुभकामनाएँ दी है।
-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिला अध्यक्ष-म.प्र.लेखक संघ
    टीकमगढ़ मोबाइल-9893520965rajeev namdeo rana lidhori

रविवार, 2 जुलाई 2017

म.प्र.लेखक संघ की ‘पावस’ पर 225 गोष्ठी हुई-

म.प्र.लेखक संघ की ‘पावस’ पर गोष्ठी हुई-

                  कथा सम्राट ‘प्रेमचन्द्र’ को किया याद  

टीकमगढ़//‘ डे केयर’ राजमहल परिसर में म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 225वीं गोष्ठी ‘पावस पर एवं कथा सम्राट मुंषी प्रेमचन्द्र’ पर केन्द्रित रही, जिसमे मुख्य अतिथि बल्देवगढ़ से पधारे  वरिष्ठ साहित्यकार कोमलचन्द्र बजाज रहे व अध्यक्षता पूर्व डी.ई.ओ. बी.एल जैन ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप कवि सियाराम अहिरवार रहेे। सरस्वती बंदना के पश्चात् साहित्यकारों ने मुंषी प्रेमचन्द्र’ पर अपने विचार रखे तत्पष्चात्
पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’ ने कविता सुनायी- सोजे वतन के कारण इन्हें किया प्रतिबन्ध।
पूरन धनपत राय का,पड़ गया फिर नाम।।
लखौरा से पधारे गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ नेे  बुन्देली कविता से पढ़ी-
  घटा घोर बदला  जा बदली छाई रसवारी भौरारे।
बरसे ओ पानी और होवे किसानी,भगवै गिरानी,सो सबका खुषी छाई।।
म.प्र. लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘ग़ज़ल’पढ़ी-
प्रदूषण का इतना असर हो गया है,सांस लेना भी अब तो ज़हर हो गया।।
ईमान दुनिया से क्या उठ गया,‘राना’, बदमाष कितना बषर हो गया।।
वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत सुनाया-
प्यासी धरती को पानी पिला दीजिए,दीन बन्धु दयालु दया कीजिए।
बल्देवगढ़ से पधारे  यदुकुल नदंन खरे ने पढ़ा- लोकतंत्र में गलियन-गलियन षब्दों की बौछार है
कोई विधवा लरत बचाने करती हा हा कार है।।
बुन्देली कवि राजेन्द्र विदुआ ने कविता सुनायी- जिनको पत्नि प्रिय है वे पत्नि के खास।
  पत्नि के ही ज्ञान से बन गये तुलसीदास।।
उमा षंकर मिश्रा ने पैरोडी सुनायी- तुम अगर वोट देने का वादा करो, मैं यूंही तुमको बुद्धू बनाता रहूँ।।
बल्देवगढ़ के कोमलचन्द्र बजाज पढ़ा- बादल गरजें, बिजली चमके,जल फहार देी मुस्कान।
प्यासी धरती धन्य हो गइ और पपीहा छेड़े तान।।
सियाराम अहिरवार ने पढा-जोष जुनून जज्बातों का,जिसके अंदर था सैलाब,
   उस कलम के हस्ताक्षर ने किये उजागर सुंदर भाव।।
दीनदयाल तिवारी ने कविता पढ़ी-तनक सौ बरस के रै जब पानी षंकित है सब प्रानी।
बादर छा रय आ रय,जा रय,चुप है बरसा रानी।।
आर.एस. शर्मा  ने पढ़ा- यक्ष प्रष्न पर्यावरण संरक्षण का, हरियाली और नदियों संरक्षण का है।
दयालीराम विष्वकर्मा ने सुनाया- मौं खों आन निवारौ,हे राम ई पथरा से तारो।।
रामगोपाल रैकवार ने व्यंग्य ‘प्रपंच परमेष्वर’ सुनाया एवं अजीत श्रीवास्वत ने बुन्देली कहानी- ‘झगड्म-पट्टम्’ सुनायी। इनके रामगोपाल रैकवार, परमेश्वरीदास तिवारी, बी.एल. जैन, भारत विजय बगेरिया, वेद पस्तोर, बालमुकुन्द प्रजापति, कौषल किषोर ,धर्मदास साहू,, रामचरण मिश्रा, लक्ष्मण दास आदि ने अपने विचार रखे।
संचालन उमा षंकर मिश्रा ने किया एवं
 सभी का आभार प्रदर्शन लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया।
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,मोबाइल-9893520965,













rajeev namdeo rana lidhori