रविवार, 28 दिसंबर 2014

म.प्र.लेखक संघ की ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित 191वीं गोष्ठी हुई-


म.प्र.लेखक संघ की ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित 191वीं गोष्ठी हुई-म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कुण्डलिया सुनायी-                       आँखे तेरी भा गयी कमल सदृश है लाल।                        हृदय प्रफुल्लित हो गया देख के नयन विशाल।                       कह ‘राना’ आँखे तेरी चचंल शरमाये।                        डाले दृष्टि जिस पर भी उसको भरमाये।।   टीकमगढ़//नगर की ख्यातिप्राप्त सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 191वीं गोष्ठी ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित जिला पुस्तकालय में  आयोजित की गयी जिसके मुख्य अतिथि मनमोहन पाण्डे रहे व अध्यक्षता प्रसिद्व दोहाकार व साहित्यकार वीरेन्द्र बहादुर खरे ने की। कवि सीताराम राय ने  सरस्वती वंदना माँ शारदे स्वर दे,स्वर सरिता सुचि बहाकर निर्मल मन कर दे।ततपश्चात परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-बढ़ा करबां प्यार का चलते-चलते। वहल जायेगा दिल बहलते बहलते।।रामगोपाल रैकवार ने दोहे पढ़े- छिपकलियों ने ले लिया है जबसे अवकाश। कीट पतंगे बढ़ गए दीवारों के पास।।म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कुण्डलिया सुनायी-                       आँखे तेरी भा गयी कमल सदृश है लाल।                        हृदय प्रफुल्लित हो गया देख के नयन विशाल।                  कह ‘राना’ आँखे तेरी चचंल शरमाये।                        डाले दृष्टि जिस पर भी उसको भरमाये।। नवोदित कवियत्री कीर्ति लिटोरिया ने पढ़ा-   तेरी यादो से ही संभलती रही।                                                          अंदर ही अंदर में घुलती रही।।नवोदित कवियत्री सचि जैन ने पढ़ा-माँ तू कितनी प्यारी है।                                             इस दुनिया में सबसे निराली है मेरी माँ।।अवध बिहारी श्रीवास्तव ने दोहे पढे़-हे द्वारकाधीस द्वार खोलो द्वार आई।                                             द्वार-द्वार फिरी अब तेरे द्वार आई।।उमाशंकर मिश्र ने हास्य राशिफल पढ़़ा- राशि भले ही ‘सिंह’ है गीदड से डरपोक।                                                   पूँछ दबाये फिो जब हो पत्नी प्रकोप।ग्राम दिगौडा से पधारे कवि देवेन्द्र अहिरवार ने रचना पढ़ी-रिश्तों का लहू कैसे टपकता हुआ देखे माँं आँखों को छुपा लू कि हकीकत को बदल दे माँ।।डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा-    स्वागत में नव वर्ष के पंिडत फँूके शंख। उडे मुक्त आकाश में समय लगाकर पंख।।राजेन्द्र विदुआ ने पढ़ा-    देश पै दे गय अपनी जान अमर हो लब उनकौ बलिदान बढ़ा दब भारत माँ कौ मान।।हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने पढ़ा-     गजब की ठंड है कुछ भी सुझाई देता नहीं। है कोहरा छाया हुआ कुछ दिखाई देता नहीं।पूरन चन्द्र गुप्ता ने सुनाया-जननी है तू पुरूष की रखती शक्ति अपार। करती पालन है वही ममता देत उबार।।ग्राम लखौरा के कवि गुलाब सिंह भाऊ ने कविता पढ़ी-भूल गई जा काया। घर की देख सुनो जा माया।।सियाराम अहिरवार ने रचना पढ़ी- कौड़ी-कौड़ी जोड़ के माया धरली जोड़। पीते वे घी बैठके घर में कथरी ओढ़।शांति कुमार जैन ने कविता पढ़ी-     अपर कुछ भी और सब कुछ कर सकते है। मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे और चर्च भी गढ़ सकते है।।दीनदयाल तिवारी ने कविता पढ़ी- भोगवानी बेउ भोगत जी के मूँढे आफत आई।लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल ने पढ़ा-श्रृद्वा से गुरूदेव का करता जो सम्मान। जाग उठेगा आप ही उसका सोया ज्ञान।रघुवीर अहिवार ने रचना पढ़ी- रोटी के चार टुकडे खाने वाले,पाँच मुझे भूख नहीं है कहने वाली सिर्फ माँ होती है।कवि विजय मेहरा ने लघुकथा ‘‘भारत माता’’ पढ़ी। इनके अलावा डाॅ. कैलाश विहारी द्विवेदी,अजीत श्रीवास्तव,अभिनंदन गोइल, डाॅ.आशा देवी तिवारी बी.एल.जैन ,मनमोहन पाण्डे,आर एस.शर्मा,राकेश कुमार जैन,शिवचरण उटमालिया आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे। गोष्ठी का संचालन वीरेन्द्र चंसोरिया ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन विजय मेहरा ने किया।                                                             रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’            ,    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ, टीकमगढ़, 

बुधवार, 24 दिसंबर 2014

‘राना लिधौरी’ को मिला ‘भगवान दास जैन’ साहित्य सम्मान- 21-12-2014



‘राना लिधौरी’ को मिला ‘भगवान दास जैन’  साहित्य सम्मान
टीकमगढ़/    /नगर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार,कवि-शायर एवं म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन शाखा जिला सागर द्वारा संभागीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में श्रीमंद सेठ भगवानदास जैन दाजी सम्मान 2014 से सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सागर के विधायक मान.श्री शैेलेन्द्र जैन एवं डाॅ.सुरेश आचार्य रहे तथा अध्यक्षता श्री नेमिचन्द विनम्र ने की।
गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ की पुरस्कृत पुस्तक ‘नौनी लगे बुन्देली’ विश्व में बुन्देली का प्रथम हाइकु संग्रह है। राना की ‘अर्चना’,‘रजनीगंधा’ और ‘नौनी लगे बुंदेली’ तीन पुस्तकें छप चुकी है एवं अनेक पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है,वर्तमान में आप टीकमगढ़ जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका ‘आंकाक्षा’ का सफल संपादन विगत नौ वर्षो से करते आ रहे है तथा साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ के टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष के पद पर विगत 11वर्षौ से सुशोेभित है। इस उपलब्धि पर राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को नगर के साहित्यकारों एवं शुभचिंतकों ने बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ दी।                             
                           
रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
        मोबाइल-9893520965

‘डाइट कुण्डेश्वर में ‘पं.बनारसी दास जयंती’ मनायी गयी’

  ‘डाइट कुण्डेश्वर में ‘पं.बनारसी दास जयंती’ मनायी गयी’
.दिनांक-24.12.2014 दोपहर 2 बजे कुण्डेश्वर ‘डाइट में ‘पं.बनारसी दास जी चतुर्वेदी की 123वीं जयंती’ मनायी गई इस अवसर पर अध्यक्षता डाॅ.कैलाश बिहारी द्विवेदी ने की तथा मुख्य अतिथि वीरेन्द्र बहादुर खरे रहे इस अवसर पर पं.बनारसी दास जी चतुर्वेदी के व्यक्त्वि पर प्रकाा डाला गया तथा एक कवि गोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें प्रमुख रूप से डाॅ दुर्गेश दीक्षित, रामगोपाल रैकवार, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,हाजी ज़फ़रउल्ला खां,डाॅ.डी.पी.खरे, महेन्द्र पोतदार, भारत विजय बगेरिया,देवेन्द्र कुमार अहिरवार दिगौड़ा,मनमोहन पाण्डे,आदि उपस्थित रहे।                               

रपट- राजीव नामदेव ‘राना
लिधौरी’
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965



सोमवार, 22 दिसंबर 2014

‘राना लिधौरी’ सागर में ‘कवि सम्मेलन’ में काव्य पाठ करते हुए




‘राना लिधौरी’ सागर में ‘कवि सम्मेलन’ में काव्य पाठ करते हुए

सागर दिनांक-20 दिसम्बर सन्-2014 को  बी.एस.धर्मशाला बड़ावाजार सागर में
मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन शाखा जिला सागर द्वारा संभागीय साहित्यकार कवि सम्मेलन
आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध लोकगायक व साहित्यकार श्री हरगोविन्द्र विश्व जी सागर ने की तथा मुख्य अतिथि हटा के डाॅ. एम.एम.पाण्डे जी रहे कवि सम्मेलन का संचालन सिराज सागरी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक मणिकांत चiबे जी रहे।
कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवि
हटा से डाॅ.मनमोहन पाण्डे,
दमोह से अनसारूल हक ‘शहबाज अंसार’,
टीकमगढ़ से राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
पृथ्वीपुर से कल्याणदास साहू पोषक,
छतरपुर से लखनलाल सोनी ‘लखन’,श्रीमती संतोष पटैरिया,ंिचतामणि वर्मा,
बडामलहरा से डाॅ. देवदत्त द्विवेदी
पन्ना से रमेश कुमार खरे,
अजयगढ़ से बडे राम सिंह,
सागर से अशोक मिजाज,निर्मल चन्द्र निर्मल’,सुरेन्द्र ंिसह नेगी

रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
       मोबाइल-9893520965

रविवार, 14 दिसंबर 2014

‘बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि ‘राना लिधौरी’


  
‘बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि ‘राना लिधौरी’

                       बहल जायेगा दिल बहलते-बहलते’

दिनांक 14.12.2014 को दोपहर 3 बजे से  टीकमगढ़ नगर की उर्दू अदब की संस्था बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ रहे तथा सदारत हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने की एवं विशिष्ट अतिथि विजय मेहरा रहे संचालन पूरन चन्द्र गुप्ता ने किया। नशिस्त में मरहूम शायर गनी अहमद गनी को श्रद्धाजंलि दी गयी। शायरों ने मिस्ररा तरह ‘बहल जायेगा दिल बहलते-बहलते’ पर अपने-अपने कलाम पढ़े। नशिस्त में मनमोहन पांडे,हाजी अनवर,उमाशंकर मिश्र,परमेश्वरीदास तिवारी, राजेन्द्र विदुआ,गीतिका वेदिका,चाँद मोहम्मद आखिर,शकील खान,बशीर फराज,शिवचरण उटमालिया,केप्टन सत्तार,आदि उपस्थित रहे।

    रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
            अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                        मोबाइल-9893520965

रविवार, 30 नवंबर 2014

म.प्र.लेखक संघ की ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित 190वीं गोष्ठी हुई-


Date-30-11-2014
म.प्र.लेखक संघ की ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित 190वीं गोष्ठी हुई-

  टीकमगढ़//नगर की ख्यातिप्राप्त सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 190वीं गोष्ठी ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित हुई जो कि परमेश्वरीदास तिवारी के निवास पर आयोजित की गयी
 जिसके मुख्य अतिथि हाजी ज़्ाफ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ रहे व
 अध्यक्षता कुण्डेश्वर के प्रसिद्व बाल साहित्यकार गुणसागर शर्मा सत्यार्थी ने की।
 ‘वीणा वादिनी’ सरस्वती वंदना पूरनचन्द्र गुप्ता ने पढ़ी,
ततपश्चात पं.गुणसागर सत्यार्थी ने अपने उद्वोधन में कहा कि सबसे पहले बाल कवि सूरदास जी थे। कविता लिखने के दो उद्देश्य होने चाहिए पहला कविता क्यांे लिखे तथा कविता किसके लिए लिखे।
वीरेन्द्र चंसोरिया ने बाल गीत पढ़ा- पढ़ने के दिन अपने सच करना है सपने।
                                           अनुशासन में रहकर के मंजि़्ाल को पाएँ।।
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने बाल कविता ‘पूंछ’ सुनायी-
                   पूंछ हमारी होती,कितनी प्यारी होती।
                      सुंदर पूंछ देखकर हमारी सब हमसे जलने लगते।
                 पूंछ पकड़कर फिर वे खींचा-खांची करते।

डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा-    भोला भाला भोलू प्यारा,रहता जंगल में जो न्यारा।
                                      लोग काटते है जंगल को मिटा रहे अपने मंगल को।।
हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने पढ़ा-
     हाथ में बोतल पीठ पै बस्ता,पैदल चलता हालत खस्ता।
     मन मारे स्कूल को जाता,छुट्टी पर ही हँसता।।
हरेन्द्र पाल सिंह ने सुनाया-बचपना जब पौढ़ता की ओर बढ़ता है
                                        जब दूरिया पैदा होती है।
शांति कुमार जैन ने कविता पढ़ी- बचपन मेरा तेरी गोदी में बीता।
                                         अश्रु नहीं अब थमते है।
दीनदयाल तिवारी ने कविता पढ़ी- बच्चों आओ बढ़ो आगे वीर बहादुर बनना है।
                                    कमर कसकर करो प्रतिज्ञा कुरीतियों से लड़ना है।।
बी.एल.जैन ने रचना पढ़ी- हम नेक बनेंगे एक बनेगे,हिंसा से हम दूर रहेंगे।
  सब  बहिने मेरी बहिने हे इसका पक्का ध्यान करेंगे।
ग्राम लखौरा के कवि गुलाब सिंह भाऊ ने कविता पढ़ी-लरकन में जा चली चिड़ी।        
          खारये गुटका पी रये बिड़ी।
सियाराम अहिरवार ने रचना पढ़ी-
वर्षा गई शरद ऋतु आई ठंड का मौसम पड़ा दिखाई।
लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल ने रचना पढ़ी-
मात पिता की आज्ञा मानी जीवन सवर गया।
मनमानी की जिसने उसका जीवन बिखर गया।
कवि विजय मेहरा ने लघुकथा ‘‘भारत माता की जय’’ पढ़ी।
 परमेश्वरीदास तिवारी ने लघुकथा ‘पंडि़त जी की बकरी’ सुनायी।
 अजीत श्रीवास्तव ने बुन्दली लोक कथा ‘भटे दाऊ’, एवं
 डाॅ.आशा देवी तिवारी ने कहानी ‘चुहिया छनकूबाई’ पढ़ी।
इनके अलावा गीतिका वेदिका आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे।
 गोष्ठी का संचालन अजीत श्रीवास्तव ने किया एवं
 सभी का आभार प्रदर्शन परमेश्वरीदास तिवारी’ ने किया।                                            
                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                          मोबाइल-9893520965,   

रविवार, 16 नवंबर 2014

Rajeev Namdeo Rana lidhori akashwani chatarpur-16-11-2014


‘रसावतरण’ कार्यक्रम में काव्य पाठ करते हुए ‘राना लिधौरी’
(‘आकाशवाणी छतरपुर का ‘रसावतरण’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ)

टीकमगढ़/    / महावीर स्कूल में आकाशवाणी छतरपुर केन्द्र द्वारा ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें टीकमगढ़ के विभिन्न विद्याओं के 10 ख्यातिनाम साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की रिकार्डिंग की जिसमें प्रमुख रूप से आचार्य दुर्गा चरण शुक्ल ने ललित निबंध,वीरेन्द्र बहादुर खरे ने ओरछा पर आलेख,राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने हिन्दी एवं  बुन्देली मंे हाइकु, एन.डी.सोनी ने हिन्दी कविता,हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने ग़ज़ल,अजीत श्रीवास्तव ने रंगमंच’ पर आलेख,रामरूवरूप दीक्षित ने व्यग्ंय,डाॅ.रूखसाना सिद्वीकी ने कहानी,सीमा श्रीवास्तव ने बुन्देली कविता और अभिनंदन गोइल ने कुण्ड़ेश्वर पयर्टन स्थल पर अपनी रचनाएँ पढी। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य दुर्गा चरण शुक्ल ने जबकि संचालन संतोष पटेरिया महोबा ने तथा सभी का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी  चन्द्रशेखर ने किया। कार्यक्रम का संयोजन गुणसागर सत्यार्थी ने किया।
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने यह बताया कि ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी के छतरपुर केन्द्र से दिनांक 28 नवम्बर को सुबह दस से ग्यारह बजे के बीच किया जायेगा। आकाशवाणी छतरपुर से रिर्कािडंग करने के लिए एक टीम आयी थीं जिसमें कार्यक्रम अधिकारी चन्द्र शेखर शर्मा,राम प्रकाश जाटव,संतोष पटेरिया,मरगुवालम् आदि यहाँ पर आये थे।
           
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965

शुक्रवार, 14 नवंबर 2014

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’‘नौनी लगे बुन्देली’’ की प्रकाशित समीक्षा

‘‘हिन्दी प्रचारक पत्रिका’’ पत्रिका (वाराणसी)
संपादक-विजय प्रकाश बेरी
अंक ’ दिसम्बर 2010 में पेज-12 पर
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ के
 बुन्देली हायकू संग्रह ‘‘नौनी लगे बुन्देली’’ की प्रकाशित समीक्षा-
समीक्षक- विजय प्रकाश बेरी
संपादक-‘‘हिन्दी प्रचारक पत्रिका’’ पत्रिका (वाराणसी)

रविवार, 9 नवंबर 2014

Rajeev namdeo' Rana lidhori' artical-Bundelkhand ke lok devta

‘‘समृद्ध सुखी परिवार’’ पत्रिका (दिल्ली) संपादक-ललित गर्ग
अंक ’ अगस्त 2014 में पेज-32 पर
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ का
प्रकाशित आलेख-बुन्देलखण्ड के प्रसिद्ध लोक देवता’

सोमवार, 3 नवंबर 2014

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संत नामदेव महाराज का 744वाँ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया-
              ( सुन्दरकांड का संगीतमय हुआ पाठ)
  टीकमगढ़//तालदरवाजा स्थित संतशिरोमणि नामदेव मंदिर में आज संतशिरोमणि नामदेव जी महाराज का 744वाँ जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। आज दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होते रहे जिसमें अलसुवह 5 बजे नामदेव महाराज जी का जन्मोत्सव व सत्यनारायण भगवान की कथा हुई,12 बजे हवन, 3 वजे से रवि एण्ड पार्टी ने सुन्दरकांड का संगीतमय पाठ किया गया शाम 5 बजे महिला मंडल द्वारा भजन व कीर्तन गाये गये। तत्पश्चात सभी को प्रसाद वितरण किया गया नगर से बाहर से पधारे नादेव समाज बन्धुओं को भोजन कराया गया।
समाज के हजारों की सख्ंया के लोग शामिल हुये जिसमें प्रमुख रूप से नामदेव समाज के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद,सी.एल.नामदेव, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’, जितेन्द्र ब्रजगोपाल,सीताराम, रामसेवक,रामगोपाल, सुरेश, सुनील,जितेन्द्र,जगदीश, भगवान दास, जडी़, ब्रजकिशोर, रवि,रामप्रसाद नामदेव दिगौड़ा,सीताराम कुण्डेश्वर,रामभरोसे पहारी तिलवारन आदि शामिल हुए। यह जानकारी मीडिया प्रभारी राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने दी।

                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                            (मीडिया प्रभारी)
                        नामदेव समाज टीकमगढ़ म.प्र.
                        मोबाइल-09893520965



                       

शुक्रवार, 31 अक्तूबर 2014

सोमवार, 27 अक्तूबर 2014

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श्री वीरेन्द्र केशव परिषद टीकमगढ़ का साहित्य का 85 वां वार्षिक उत्सव Report by-Rana lidhori


   
वीरेन्द्र बहादुर खरे की पुस्तक ‘देह धरा का दर्द’ का विमोचन हुआ-

(श्री वीरेन्द्र केशव परिषद टीकमगढ़ का साहित्य का 85 वां वार्षिक उत्सव )


  टीकमगढ़//‘‘मंच पर ज्ञान बैठा है, सामने संस्कार बैठा है और ये छोटे-छोटे बच्चे जो फोटो खींच रहे है वे इन दोनों को ग्रहण करने में लगे हैं अपने कैमरों में कैद करने में लगे है ’’ ये उदगार -खंडवा से पधारे विद्वान साहित्य मनीषी  मुख्य अतिथि डाॅ. श्रीराम परिहार ने अपने वक्तव्य में दिये है। नगर की सबसे पुरानी साहित्यिक संस्था श्री वीरेन्द्र केशव साहित्य परिषद एवं म.प्र.हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल शाखा टीकमगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में वरिष्ठ साहित्यकार वीरेन्द्र वहादुर खरे के दोहा संग्रह ‘देह धरा का दर्द’ का विमोचन सीनियर बेसिक हाई स्कूल टीकमगढ़ में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. श्याम सुंदर दुबे उज्जैन एवं मुख्य अतिथि डाॅ. श्रीराम परिहार खंडवा तथा विशिष्ट अतिथि आचार्य पं. दुर्गाचरण शुक्ल ने की। सर्वप्रथम माँ सरस्वती की वंदना मनमोहन पांडे ने की तथा स्वागत भाषण रामस्वरूप दीक्षित द्वारा दिया गया संस्था का प्रगति प्रतिवेदन एन डी सोनी ने पढ़ा। विमोचित कृति की समीक्षा डाॅ. डी.पी.खरे ने पढ़ी। मीडिया प्रभारी राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने बताया कि इस अवसर पर श्री वीरेन्द्र केशव साहित्य परिषद द्वारा उज्जैन से पधारे विद्वान साहित्यकार डाॅ.श्याम सुंदर दुवे को ‘बनारसीदास चतुर्वेदी सम्मान’ एवं  वीरेन्द्र बहादुर खरे को ‘पं.कृष्ण किशोर द्विवेदी सम्मान’ से सम्मानित किया गया जबकि म.प्र.हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल शाखा टीकमगढ द्वारा खंडवा के डाॅ. श्रीराम परिहार को ‘महाकवि केशव सम्मान’ व पं.दुर्गाचरण शुक्ल को ‘महर्षि वेद व्यास सम्मान’ से विभूषित किया गया।
 इस अवसर पर आलोक खरे, त्रिलोक खरे, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,संतोष पटेरिया (महोबा),रामगोपाल रैकवार, महेन्द्र उपाध्याय,हाजी ज़फ़र उल्ला खां जफ़र, रामगोपाल रैकवार,अमिताभ गोस्वामी, वीरेन्द्र चंसौरिया, हरेन्द्रपाल सिंह,विजय कुमार मेहरा,परमेश्वरीदास तिवारी, कोैशल किशोर भट्ट,शीलचन्द्र  जैन,हरीश अवस्थी,पूरनचन्द्र गुप्ता,बी.एल जैन, गुलाब सिंह भाऊ, शांति कुमार जैन, सियाराम अहिरवार, आर.एस.शर्मा,संजय खरे, राजेन्द्र विदुआ,डाॅ.जे.पी.रावत,लालजी सहाय श्रीवास्तव, आदि उपस्थित रहें। गोष्ठी संचालन डाॅ.रूखसाना सिद्धीकी ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन अजीत श्रीवास्वत ने किया।                                            
                                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                ,                        अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                          मोबाइल-9893520965,  
             

शनिवार, 18 अक्तूबर 2014

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ की प्रकाशित सपरिचय दो हास्य व्यंग्य रचनाएँ

‘शब्द प्रवाह’ पत्रिका (उज्जैन) 
संपादक-संदीप सृजन के अंक-‘वार्षिक काव्य विशेषांक’ जनवरी-जून-2014 में पेज-172 पर
 राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ की प्रकाशित सपरिचय दो हास्य व्यंग्य रचनाएँ
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी

मंगलवार, 30 सितंबर 2014

राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन दिनांक-29.9.2014 टीकमगढ़

माँ पायस्विनी अखाड़ा समिति द्वारा आयोजित 
राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते हुए कवि

दिनांक-29.9.2014 टीकमगढ़/    / भटनागर कालोनी में माँ पायस्विनी अखाड़ा समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रवादी कवि सम्मेलन में मंचासीन कवि सुमित मिश्रा ओरछा,देवेन्द्र चतुर्वेदी महोबा,सुमन जतारा,राजेन्द्र विदुआ,राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़, डाॅ. जेपी रावत,लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल,उमाशंकर मिश्र टीकमगढ़ ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को देर रात तक आनंदित किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी   
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965   



रविवार, 28 सितंबर 2014

म.प्र.लेखक संघ की ‘हिन्दी’ पर केन्द्रित 188वीं गोष्ठी हुई-


म.प्र.लेखक संघ की ‘हिन्दी’ पर केन्द्रित 188वीं गोष्ठी हुई-
       
  टीकमगढ़//नगर की ख्यातिप्राप्त सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक की 188वीं गोष्ठी ‘राज भाषा हिन्दी’ पर केन्द्रित जिला पुस्तकालय में आयोजित की गयी जिसके मुख्य अतिथि कवि रघुवीर प्रसाद अहिरवार आनंद’ रहे व अध्यक्षता साहित्यकार बी.एल.जैन ने की तथा विशिष्ट अतिथि बल्देवगढ़ से पधारे साहित्यकार यदुकुलनन्दन खरे रहे।
गोष्ठी के प्रथम चरण में हरेन्द्रपाल वक्ताओं द्वारा ‘हिन्दी’ पर अपने विचार व्यक्त किये।
द्वितीय चरण में काव्य गोष्ठी हुई जिसमें हाजी ज़फ़र उल्ला खां जफ़र ने पढ़ा-
भारत वर्ष महान है। हिन्दी जिसकी शान है।
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने ‘हिन्दी’ पर  ‘ग़ज़ल’ सुनायी-
                  हमारी शान है हिन्दी, हमारी जान है हिन्दी। हमारे राष्ट्र की यही तो पहचान है हिन्दी।।
     ग्राम नदनवारा से पधारे गीतकार शोभाराम दांगी‘इन्दु’ ने पढ़ा-हिन्दी बोलत रइयो, सो अपनी भाषा मान।।
ग्राम दिगौड़ा से पधारे कवि देवन्द्र कुमार अहिरवार ने पढ़ा-हिन्दी तो लिख नहीं सकते अंग्रेजी में बात करते है।
परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-कर्ज देता मित्र को वह मूर्ख कहलाता है। महामूर्ख वह यार है जो पैसा लौटाये।।
रघुवीर आनंद ने रचना पढ़ी- जितना अपनाओंगे उतनी निखार आयेगी। जिन्दगी कोई ख्वाब नहीं जो विखर जायेगी।। 
पूरन चन्द्र गुप्ता ने पढ़ा-भाषा अपनी हो जहाँ उन्नति वहीं सदाय। राजभाषा हिन्दी बन हिन्दुस्तान कहाय।।
वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत सुनाया-जिन्हें हम अपना कहते थे उन्हीं ने रंग बदले है।
ऐेसे अपनों से क्या लेना एसे अपनो कोक्या देना।।
ग्राम लखोरा से पधारे कवि ग्ुालाब सिंह ‘भाऊ’ ने कविता पढ़ी’-अब देश में अपराधी असंख्य होगये।
कैसे बचत बिच्छु कैसे तक हो गये डर नईया निरशंक हो गये।।
ग्राम बल्देवगढ़़ ने पाधारे कवि यदुकुल नंदन खरे ने-जल में न आग लगा ओं तुम नव पीढी को न ठुकराओं तुम।।
डाॅ. जगदीश रावत ने कविता पढी-आले में की ढिबरियाँ घर के शालिगराम। आँगन की तुलसी कहाँ हो गई गुमनाम।।
हरेन्द्र पाल सिंह ने सुनाया-सपने आते ही क्यों हैं जग उन्हें जाना है। यर्थात के धरातल से दूर जब उन्हें जाना है।।
मनमोहन पांडे ने गीत पढ़ा- नव दुर्गा की प्रतिपदा आई लै आनंद। महिलाओं में दिख रहा नया जोश नव छंद।।
दीनदयाल तिवारी ने पढ़ा- कबै की कौ का होने किकर काउ खौं नैंयाँ। बडे मजे से सबखौं आरइ ऊँट चढ़ मलकैया।
बी.एल.जैन ने रचना पढ़ी- जहाँ स्नेह है वहाँ प्रेम है दया है करूणा है।सरलता का भाव है सहयोग भी प्रेरणा है।।
अजीत श्रीवास्तव ने ‘जुएँ की फसल’ एवं विजय मेहरा ने ‘दशहरा का रावण’ एवं रामगोपाल रैकवार ने ‘ ‘चा-चा-चा-चा-चा-चा’ ने व्यंग्य सुनाया।
इनके आलावा अवध विहारी श्रीवास्तव, अभिनंदन जैन, बी.एल जैन डाॅ. आशा देवी,आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे। गोष्ठी संचालन वीरेन्द्र चंसारिया ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधोैरी’ ने किया।                                            
                                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                ,                अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,






                                          मोबाइल-9893520965,               

गुरुवार, 25 सितंबर 2014

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ (टीकमगढ़) को सांस्कृतिक मंत्री चुना गया

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ बुंदेलखण्ड क्षत्रिय नामदेव
        महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी में सांस्कृतिक मंत्री चुने गये

टीकमगढ़//नगर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार एवं म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को ‘बुन्देलखण्ड क्षत्रिय नामदेव महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी में सांस्कृतिक मंत्री चुने गये है। श्री सुखराम नामेदव (बण्डा) को महा सभापति,श्री आर.डी.नामदेव (दतिया) को सर्वसम्मति से बुन्देलखण्ड क्षत्रिय नामदेव महासभा का प्रांतीय अध्यक्ष चुना है। जबकि उपाध्यक्ष श्री श्याम किशोर नामदेव (बण्डा) व श्री केशव कुमार नामदेव (छतरपुर) को उपाध्यक्ष तथा डाॅ. ए.के.नामदेव (जबेरा) को महामंत्री  एवं राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ (टीकमगढ़) को सांस्कृतिक मंत्री चुना गया है।
        गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ के नेतृत्व में टीकमगढ़ जिला इकाई ने प्रदेश भर में सर्वाधिक 187गोष्ठियाँ आयोजित कराके इतिहास रचा है तथा उनकी ‘अर्चना’,‘रजनीगंधा’ और ‘नौनी लगे बुन्देली’ तीन पुस्तकें छप चुकी है एवं अनेक पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है,वर्तमान में आप टीकमगढ़ जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका ‘आंकाक्षा’ का सफल संपादन विगत नौ साल से करते आ रहे है।
        राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी को ‘म.प्र. लेखक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी में सांस्कृतिक मंत्री चुने जाने पर नगर के समाज बन्धुओं व मित्रों ने उन्हें बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ दी।

फोटो स्केन-नामदेव क्षत्रिय संकल्प पत्रिका (जबलपुर) अंक-अगस्त 2014के पेज -20 से एवं 'नामदेव नूपुर' (भोपाल) अंक— अगस्त 2014 साभार


बुधवार, 24 सितंबर 2014

राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. श्री के .एल. जैन साहब प्राचार्य डिग्री कालेज का पुष्पहार पहनाकर स्वागत करते हुए।

राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता
टीकमगढ़-दिनांक-21.9.2014 को राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पुष्पा हायर सेकेण्डरी स्कूल की छात्राओं द्वारा बेहतर प्रदर्शन किया गया।
वाद विवाद प्रतियोगिता में पुष्पा स्कूल कक्षा 12वीं की छात्रा कु.दीपिका वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया उन्हें 300 रू.नगद एवं स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र मिला तथा कु.समीक्षा जैन ने सान्तवना पुरस्कार प्राप्त किया उन्हें 100 रू. एवं स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र मिला । लोकगीत गायन प्रतियोगिता में कु.साक्षी यादव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उन्हें 250 रू.नगद एवं स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ.श्री आर.एन. नीखरा जी जिला शिक्षा अधिकारी एवं अध्यक्षता डाॅ. श्री के .एल. जैन प्राचार्य डिग्री कालेज ने किया।
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाॅ. श्री के .एल. जैन साहब प्राचार्य डिग्री कालेज का पुष्पहार पहनाकर स्वागत करते हुए।

रविवार, 14 सितंबर 2014

Rajeev namdeo 'Rana lidhori' Bal Kavita-punch

‘देवपुत्र’ पत्रिका (इंदौर) वर्ष -35 अंक-3
संपादक-कृष्ण कुमार अष्ठाना
के अंक-सितम्बर 2014 में पेज-07 पर
 राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ की
 प्रकाशित कविता-‘पूंछ हमारी होती’


रविवार, 7 सितंबर 2014