रविवार, 9 अक्तूबर 2016

‘ताल दरवाजा में हुआ ‘कवि सम्मेलन’Tiakmgarh (mp)- Date-9-10-2016

‘ताल दरवाजा में हुआ ‘कवि सम्मेलन
Tiakmgarh (mp)- Date-9-10-2016

टीकमगढ़//‘ तालदरवाजा अखाडा समिति के तत्तवाधान में साहित्यिक सस्था ‘म.प्र लेखक संघ’ के संयोजन में तालदवाजा में ‘कवि सम्मेलन’ आायोजित किया जिसमें कवियों ने श्रोताओं का खूब हँसाया।
कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि बुन्देली के ख्यातिप्राप्त कवि डॉ. दुर्गेश दीक्षित रहे एवं अध्यक्षता साहित्यकार आर.एस.शर्मा ने की एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में व्यंग्यकार रामगोपाल रैकवार जी रहे।
कवि सम्मेलन का संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने किया
तथा आभार प्रदर्शन वीरेन्द्र चंयोरिया ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरूआत दीनदयाल तिवारी ने सरस्वती बंदना के बाद ये रचना पढ़कर की-
फौजी जूझ रहे आरि से, नेता हँसी उड़ाते हैं,
सेना लड़ रही सरहद पर, नेता टाँग अड़ा रहे।।
योगेन्द्र तिवारी ‘योगी’ ने पेरोडी सुनायी-
ये वतन ये वतन हमको तेरी कसम,
जो मिलेगा उसे खा जयेंगें हम।।
कुण्डेश्वर से प्रसिद्ध बुन्देली कवि डॉ. दुर्गेश दीक्षित ने रचना पढ़ी-
कजन कछु न मिले तुमें तो नेता जी बन जइयौ।।
फिर का काने मजे से घी की चुपरी खईयो।।
लखोरा से पधारे बुन्देली कवि गुलाब सिंह भाऊ ने पढ़ा-
वाहन जो दुनिया में छा गव,महाकाल मौ वारव।।



kavi sammelan
म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने हास्य कविता पढी-
पत्नी बोली देवी जी देखने जाना है
मैंने कहा देखने की क्या जरूरत है ।
तुम तो खुद काली माता हो
अपनी फरमाइसो की लंबी जीभ
तुम रोज निकालती हो।।
गण्ेश पन्नालाल शुक्ला ने पढ़ा-
चनी से टमाटर की चअनी बनवा,
जो है बुन्देली पाव, जो है बुन्देली पाव।
रामगोपाल रैकवार ने गीत सुनIया-
गिरजा गुरूद्वारा और मस्जिद मंदिर सबकी रीत है।
यहाँ ग़ज़ल नमाज है और प्रार्थना गीत है।।
वीरेन्द्र चंसोरिया ने गीत पढ़ी-
जिसने दिया ये अनुमप यक मानव तन,
उसी को समर्पित कर दो अपना ये जीवन।।
अनवर ‘साहिल’ ने ग़ज़ल सुनायी-
बेटी का फर्ज़ हमको निभाने नहीं दिया,
माँ-बाप ने दुनियाँ में आने नहीं दिया।।
आर.एस.शर्मा ने पढ़ा-
लड़ने लडाने की खातिर फिज़ा में जहर मत घोलो।
भारत माता की जय बोलो।
पूरन चन्द्र गुप्ता ने कविता ‘देवी जी की चाबी’ रचना पढ़ी।
अंत में तालदरवाजा अखाड़ा समिति के अध्यक्ष दीपक गिरि गोस्वामी,
व दीपक कुशवाहा, जयदीप प्रजापति, आकाश कुशवाहा, जैकी कुशवाहा, दीपू कुशवाहा, कमलेश,सौरभ कुशवाहा द्वारा सभी कवियों का स्iम्मान किया गया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,

सोमवार, 3 अक्तूबर 2016

‘गांधी जयंती पर हुई म.प्र.लेखक संघ की 215वीं कवि गोष्ठी) 2-10-2016





‘गांधी जयंती पर हुई म.प्र.लेखक संघ की 215वीं कवि गोष्ठी)
टीकमगढ़//‘ गायत्री शक्तिपीठ बानपुर दरवाजा मेंं साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ की 215 वीं कवि गोष्ठी विष्व अहिंसा दिवस व ‘गांधी जंयती गीत’ पर केन्द्रित आयोजित की गयी
जिसके मुख्य अतिथि अभिनंदन गोइल रहे व
अध्यक्षता बल्देवगढ़ से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार कोमल चन्द्र बजाज ने की,जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में बी.एल जैन साहब रहे।
सर्वप्रथम म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने हाइकु विधा में सरस्वती बंदना पढी-
हे माँ शारदे, बुद्धि विवेक तू दे,ज्ञान से भर दे।
हे माँ शारदे, गल्तियों को मेरी तू, क्षमा कर दे।।
युवा कवि रवीन्द्र यादव ने कविता पढ़ी-
भूल जाओगे अपनी ही दुनिया में जाना। रवि कभी गोष्ठी में आकर तो देखो।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-सत्य अहिंसा नारा जिनका,रहा उम्र भर प्यारा,
दे कुर्बानी ली आजादी याद करे जग सारा।।
गण्ेश पन्नालाल शुक्ला ने पढ़ा-
गजब कर दिया मोदी जी गजब कर दिया।
घर में घुसकर दुश्मन को भुसा कर दिया है।।
बल्देवगढ़ से पधारे कवि कोमल चन्द्र बजाज ने सुनाया-
होते हे अवतरित धरा पर। महावीर,राम कृष्ण,गौतम गांधी।
रामगोपाल रैकवार ने गीत सुनया-
अहिंसा परम धर्म है और कर्मयोग भी,
दुष्टो के लिए करेंगे किन्तु बल प्रयोग भी।।
शत्रु दृष्टि डाली तो नेत्र फोड़ देंगे हम।
जहरीले नागों के दंत तोड़ देंगे हम।।
वीरेन्द्र चंसोरिया ने गीत पढ़ी-
जय जवान, जय किसान जय हिन्दुस्तान,
थल,वायु, नौसेना भारत की शान।।
दीनदयाल तिवारी ने रचना पढ़ी-
जब तक रोया नहीं बालक पिलाती दूध नहीं माता।
योगेन्द्र तिवारी ‘योगी’ ने पेरोडी सुनाया-
जब नेता अपने चमचो संग डाले जहाँ पे डेरा,वो भारत देश है मेरा।
डी.पी. शुक्ला ने कविता सुनायी-
सत्य अहिंसा से आजादी खुशहाल किया चमन है।
पूरन चन्द्र गुप्ता ने पढ़ा-
सुनना चाहे मुझसे आये सीखे वो हिन्दी,
हिन्दी भाषा ही भारत में बने राष्ट्रभाषा हिन्दी।।
अभिनंदन गोइल ने पढ़ा-
निश दिन के पापाचारों से धरती कराहती है,
अवतरण करो फिर से बापू माता पुकारती है।।
आर.एस.शर्मा ने पढ़ा-
प्रभु मुझे असत्य से सत्य की ओर ले जा,
तमस से ज्योति की ओर लेजा।
बी.एल जैन ने पढ़ा-बापू के गले की हम माला बनेंगे।
उनके गले से हम लिपटे रहेगें।।
अजीत श्रीवास्तव ने कहा कि-
महान आदमी तो एक ही हुआ जिसे महात्मा गांधी कहते है।
वी.के. मेहरा ने कहा-महात्मा गांधी शांति के पुरोधा थे,
उन्होंने सत्य और अहिंसा के रास्ते देश को आजादी दिलायी थी।
गोष्ठी संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया तथा
सभी का आभार संस्था के सचिव रामगोपाल रैकवार ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,

शनिवार, 1 अक्तूबर 2016

ब्लाग पाठकों की सूची 30-9-2016

मित्रों मेरी ब्लाग पाठकों की सूची में एक देश और जुड गया। वो है नार्वे।
 नार्वे 47 वाँ देश हो गया है कल ही ​नार्वे के एक पाठक ने मेरे ब्लाग हो पढ़ा है।
 बहुत बहुत धन्यवाद नार्वे के उन सम्मानीय पाठक हो जिन्होंने मेरा हिन्दी में लिखा ब्लाग पढ़ा है।
आप सभी पाठकों को भी मेरा हृदय से धन्यवाद।
rajeev namdeo rana lidhori