बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

राना लिधौरी का बुन्देली मे आलेख ‘सौम्य संवाद’’ भोपाल’ में प्रकाषित

राना लिधौरी का बुन्देली मे आलेख ‘सौम्य संवाद’’ भोपाल’ में प्रकाषित

टीकमगढ़//नगर की सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था ‘म.प्र.लेखक संघ’,टीकमगढ़ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ का बुन्देली में लिखा आलेख ‘अब तौ मचन लगी बुन्देली की धूम’ भोपाल से श्री प्रवीण श्रीवास्वत ‘सौम्य’ के सुसपांदन में प्रकाषित ‘सौम्य संवाद’ सामाचार पत्र के 17फरवरी-21 फरवरी 2017 अंक में प्रकाषित हुआ है।


bundeli

रविवार, 19 फ़रवरी 2017

‘‘कवि गोष्ठी’’ में काव्य पाठ करते हुए दिनांक 19.2.2017 राजमहल परिसर टीकमगढ़

 दिनांक 19.2.2017 राजमहल परिसर टीकमगढ़ में
अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित
 ‘‘कवि गोष्ठी’’ में काव्य पाठ करते हु
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी, टीकमगढ़
rajeev namdeo rana lidhori

अखिल भारतीय साहित्य परिषद दिनांक 19.2.2017 राजमहल परिसर टीकमगढ़

 दिनांक 19.2.2017 राजमहल परिसर टीकमगढ़ में
अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित
 ‘‘कवि गोष्ठी’’ में काव्य पाठ करते हुए 
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी, टीकमगढ़



rajeev namdeo rana lidhori

शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

राना लिधौरी की ‘गज़ल’नागपुर से प्रकाषित पत्रिका‘दिवान मेरा’में छपी

राना लिधौरी की ‘गज़ल’नागपुर से प्रकाषित पत्रिका‘दिवान मेरा’में छपी

बस उनके नूर से ही रोषन ये ‘राना’ है..........................

टीकमगढ़//नगर की सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था ‘म.प्र.लेखक संघ’,टीकमगढ़ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ कि ‘ग़ज़ल’ उनके नूर से ही....................नागपुर (महाराष्ट्र) से प्रकाशित द्वि.मा.पत्रिका ‘‘दिवान मेरा’’के फरवरी-मार्च 2017 अंक में पेज 44 पर प्रकाशित हुई है।




सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

लेखक संघ की ‘ग़ज़ल’ गोष्ठी हुई- Date-5-2-2017


लेखक संघ की ‘ग़ज़ल’ गोष्ठी हुई- Date-5-2-2017
हाजी जफर के ग़ज़ल संग्रह ‘मंजिल’ का हुआ विमोचन
ललितपुर,बन्देवगढ़, बड़ा मलहरा,नदनवारा,पठा से पधारे कवि

टीकमगढ़//‘ म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 220वीं गोष्ठी ‘ग़ज़ल’ पर केन्द्रित बरई बाग मंदिर बानपुर दरवाजा में आयोजित की गयी,
जिसके मुख्य अतिथि ललितपुर से पधारे कवि कृष्ण कुमार पाठक रहे व अध्यक्षता बड़ा मलहरा से से पधारे कवि भरत लाल अग्रवाल ने की
जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप ललितपुर से पधारे शायऱ एम. शकील ने की एवं अनवर खान साहिल रहे।
सर्वप्रथम सभी ने सरस्वती बंदना के दीनदयाल तिवारी ने की- मैया खोलों किवार द्वारे दरसन खों आय। तत्पश्चात हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘जफ़र के पाँचवें ग़ज़ल संग्रह ‘मंजि़्ाल’ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।
ग्राम नदनवारा से पधारे गीतकार शोभाराम दांगी‘इन्दु’ ने सुनाया-
चंदन सी माटी है अपने इस देश की,
राम कृष्ण गौतम गांधी के उपदेश की।।
ललितपुर से शायऱ एम. शकील ने सुनाया-
किसी का दिल न दुखाओ तो कोई बात बने।
गले सभी को लगाओं तो कोई बात बने।।
बल्देवगढ़ से पधारे कवि युदकुल नंदन खरे ने पढ़ा-
जिन्दगी कब तक तुम्हारा साथ देगी दोस्त बनकर।
एक दिन तो मौत से लड़ना ही पड़ेगा।।
ललितपुर से के.के पाठक ने सुनाया-
सिर पे उनके ताज तो देखो, लेकिन तन में खाज तो देखो।।
बड़ामलहरा ़ से पधारे कवि भरत लाल अग्रवाल ‘अनुज’ ने पढ़ा-
मरना है तो वतन पर मरो, वतन पर मोत रंगीन हेाती है।
लातों से न रोंदों इसे,वतन की मिट्टी तो सिंदूरी होती है।।
राजीव नामदेव‘राना लिधौरी ने गज़ल पढी-
अदब करें न बुर्जुगों का न करे वो सलाम,
कैसी मस्ती छायी है नौजवानों में।
मंदिर ,मस्जिद में उनको जाने का वक्त नहीं
उनकी हर शाम गुजर जाती है मयखाने में।
बल्देवगढ़ से पधारे कवि कोमल चन्द्र बजाज ने पढ़ा-
यश फैले सूरज चंदा सा, लगे जो सबको प्यारा।
ये भारत देश हमारा,ये भारत देश हमारा।।
पठा से पधारे कवि सीताराम राये ने पढ़ा-
कवि की भावना कविता को जन्म देती है।
दिल के हर दर्द पे मर हम सा लगा देती है।।
रामगोपाल रैकवार ने सुनाया-
घटा कभी रूपए की कीमत जैसा,बढ़ा कभी मँहगाई भत्ते सा दिन।।
हाजी ज़फरउल्ला खां ‘जफ़र’ ने ग़ज़ल पढ़ी-
किसे कहते है ग़ज़ल आपने जाना है उसे।
मिटा दे हस्ती अगर आपको पाना है उसे।।
अनवर खान साहिल ने ग़ज़ल सुनायी-
हम गरीबों का वो निवाला है,तुमने राशन बेच डाला है।
परमेश्वरीदास तिवारी ने कविता सुनाया-
भोर कलवा महुअन संगै, रात खाव डुबरी संगै,
गुडला खाकें कटी दुपाई, ब्याई में मिलो हमेरा।।
गीतकार वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीता सुनाया-
जख्में दिल और भी गहरा गए है,दास्तां सुनके बो घबरा गए है।।
शिवचरण उटमालिया ने पढ़ी-दिल चुराने की अदा अपने तो दो ऐ दिल रूबा,
सामने तुम आ तो जाओ,दिल जवां हो जाएगा।
योगेन्द्र तिवारी योगी ने पेरोडी सुनायी।
वही अजीत श्रीवास्त ने अहाने सुनाये।
इनके अलावा देवीनगर से भगवत नाराण रामायणी, भारत विजय बगेरिया,बाबूलाल जैन, पूरचन्द्र गुप्ता अवध बिहारी श्रीवास्तव, एम.एम.पाण्डे, आर.एस.शर्मा,डी.पी.शुक्ला
,गोष्ठी संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन रामगोपाल रैकवार ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,




rajeev namdeo rana lidhori