सोमवार, 8 मई 2017

म.प्र.लेखक संघ की ‘नई कविता’ पर 223th गोष्ठी हुई- 7-5-2017

Date-7-5-0217 Tikamagarh (M.P.) India

म.प्र.लेखक संघ की ‘नई कविता’ पर गोष्ठी हुई-
गुरूदेव रविन्द्र नाथ टेगोर की जयंती पर उन्हें याद किया गया

टीकमगढ़//‘ डे केयर’ राजमहल परिसर में म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 223वीं गोष्ठी ‘नई कविता’ पर केन्द्रित रही, जिसमेें मुख्य अतिथि बल्देवगढ़ से पधारे  वरिष्ठ साहित्यकार यदुकुल नंदन खरे रहे व अध्यक्षता युवा कवि विजय मेहरा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप कवि डी.पी.शुक्ला रहेे। सरस्वती बंदना के पश्चात् गुरूदेव रविन्द्र नाथ टेगोर की जयंती पर उन्हें याद किया गया तथा आज के दिन म.प्र. लेखक संघ के सदस्य युवा कवि द्वय रविन्द्र यादव एवं राज राज राजेश्वर के जन्म दिन पर सभी ने उन्हें जन्म दिन की बधाई एवं हार्दिक शुभ कामनाएँ दी।
लखौरा से पधारे गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ नेे कवि गोष्ठी का आगाज किया बुन्देली कविता से किया-
  ओ मोरे भाई देखौ तो दोपाई, इतनी गर्मी आई कै आबे न राई।
युवा कवि रविन्द्र यादव ने कविता सुनायी- मैं बोलू भी, पर क्या हर शब्द मेरा तुमसे है।।
म.प्र. लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘आकांक्षा’ नई कविता पढ़ी-
मेरी आंकाक्षा थी कि मेरी कोई आकांक्षा न हो,
लेकिन ईश्वर ने दी मुझे एक सुंदर सी आकांक्षा,
मेरी आकांक्षा बढ़ती ठीक उसी मँहगाई की तरफ,
फिर एक नई आकांक्षा ने जन्म लिया।
विजय कुमार मेहरा ने कविता सुनायी-
सपने नाजुक होते है दर्पण की तरह,
टूट न जाये आँखों में सजाये रखिये।
बल्देवगढ़ से पधारे  यदुकुल नदंन खरे ने पढ़ा-
 देखों मेरे चारों ओर पतझर है।
जो हवाओं में उड़ उड़कर उधर जाता है।।
बी.एल. जैन ने कविता पढ़ी-
हमें सबक ले सकते हैं आकाश से,सबके लिए दिल अपना विस्तृत करो।।
आर.एएस. शर्मा  ने पढ़ा-
 प्रष्न व्यक्ति के विकास का नहीं देष के भविष्य का है।
राज राजेश्वर’ ने कविता पढ़ी- आँखों में लेके अश्क मो मजबूर हो गए।
दामन में लेके इश्क तो मशहूर हो गए।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने सुनाया-जिन्दगी का सबसे बड़ा साथ गुलाब है।
भारत विजय बगेरिया ने कविता सुनायी- जिन्दगी की हो गई शाम आके क्या करेंगे।
कृष्ण कुमार रावत ने कविता सुनायी-बहार आने को है अभी, हाथों में गुलाब खिलने को है अभी।
पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’ ने सुनाया- दीपक बोला बत्स तुम्हें यों फेंक रहा हूँ मै।
इस जग के अनुभव अर्जित को,भेज रहा हूँ तुमको मैं।।
 इनके रामगोपाल रैकवार, गीतिका वेदिका, प्रशान्त गुप्ता, बालमुकुन्द प्रजापति, विन्द्रवन नामदेव, घनश्याम दास अहिरवार, राजीव जैन, प्रमोद गुप्ता, रामचरण मिश्रा, लक्ष्मण दास,आदि ने अपने विचार रखे। संचालन पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’ ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन लेखक संघ के सचिव रामगोपाल रैकवार ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
   अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
         मोबाइल-9893520965,




Kavi gosthi